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The H Files: 'वोट चोरी' की 'द एच फ़ाइल्स', आरोप - मोदी सरकार और चुनाव आयोग सेंट्रलाइज्ड तरीक़े से लोकतंत्र और चुनाव को हाईजैक कर चुके हैं

 
"हरियाणा में 2 करोड़ मतदाता हैं और उनमें से 25 लाख फ़र्ज़ी हैं"
"एक ब्राजीलियन मॉडल भारत के चुनाव में सीमा, स्वीटी, रश्मि, सुनिता, सरस्वती, जैसे अलग अलग नाम से 10 बूथ पर 22 बार वोट डाल रही हैं"
"दो मतदान केंद्रों पर एक महिला की तस्वीर 223 बार नज़र आईं"
"हज़ारो नाम हैं जो एक से अधिक राज्यों में वोटर हैं"
"एक के बाद एक चुनाव में, पूरे भारत में लाखों मतदाताओं को सेंट्रलाइज्ड तरीक़े से हटाया जा रहा है"
 
5 नवंबर 2025 के दिन लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' मामले में अपनी तीसरी विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपना वह दावा और मजबूत किया कि मोदी सरकार और देश के मुख्य चुनाव आयोग ने मिल कर भारत के लोकतंत्र और चुनाव को हाईजैक कर लिया है। इस बार उन्होंने हरियाणा के डेटा को 'द एच फ़ाइल्स' के नाम से पेश किया।
 
वोट चोरी संयोग नहीं है बल्कि सुनियोजित और केंद्रीकृत अपराध है, जो सोफ़्टवेयर के ज़रिए हो रहा है और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त वोट चोरों के रक्षक के रूप में काम कर रहे हैं, लोकतंत्र और चुनावी सिस्टम हाईजैक किए जा चुके हैं - नेता विपक्ष ने अपने इस दावे को और ज़्यादा तथ्यों और सबूतों के साथ तीसरी बार देश के सामने रखा।
 
5 नवंबर 2025 के दिन लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हरियाणा में 'वोट चोरी' का खुलासा किया। उन्होंने इसके सबूत और आँकड़े भी पेश किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि - मोदी सरकार और देश का चुनाव आयोग सेंट्रलाइज्ड तरीक़े से लोकतंत्र और चुनावी सिस्टम, दोनों को हाईजैक कर चुके हैं।
 
7 अगस्त 2025 के दिन पहली, 18 सिंतबर 2025 के दिन दूसरी, प्रेस वार्ता के बाद 'वोट चोरी' मामले में यह तीसरी विस्तृत प्रेस वार्ता थी। नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि - देश का चुनाव आयोग बीजेपी को चुनाव जीतने में मदद कर रहा है।
 
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2024 का हरियाणा विधानसभा चुनाव 25 लाख फ़र्ज़ी मतदाताओं के आधार पर जीता। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में हर 8 मतदाताओं में से 1 फ़र्ज़ी है। देश के मुख्य चुनाव आयोग डुप्लीकेट और फ़र्ज़ी मतदाताओं के आधार पर भाजपा को जीतने में मदद कर रहे हैं, यह आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने अपने दावे के साथ कईं सबूत और रिकॉर्ड पेश किए।
 
द एच फ़ाइल्स प्रेस वार्ता में राहुल गांधी के सनसनीखेज़ आरोप
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस दिन भी विस्तृत प्रेजेंटेशन के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस दौरान देश के मुख्य चुनाव आयोग के दस्तावेज़ पेश कर अनेक कथित धाँधलियों को सामने रखा।
 
राहुल गांधी ने आँकड़ों और दस्तावेज़ो का डिजिटल प्रेजेंटशन देते हुए कहा,
·         हरियाणा में 25 लाख वोटों की चोरी हुई है

·         यहाँ राज्य में 8 में से 1 मतदाता फ़र्ज़ी है

·         राज्य में 5,21,619 फ़र्ज़ी मतदाता हैं

·        एक ब्राजीलियन मॉडल ने भारत के चुनाव में सीमा, स्वीटी, रश्मि, सुनिता, सरस्वती, जैसे अलग अलग नाम से 10 बूथ पर 22 बार वोट डाला

·         2 मतदान केंद्रों पर एक महिला की तस्वीर 223 बार नज़र आ रही है

·         यूपी के भाजपा नेताओं ने हरियाणा में वोट डाला

·         हरियाणा में एक ही तस्वीर वाले 1,24,177 मतदाता हैं

·         हरियाणा के इतिहास में पहली बार पोस्टल बैलेट का वास्तविक वोटों से मिलान नहीं हुआ

·       एक के बाद एक चुनाव में, पूरे भारत में लाखों मतदाताओं को सेंट्रलाइज्ड तरीक़े से हटाया जा रहा है

 
राहुल गांधी ने कहा,
·         देश के मुख्य चुनाव आयुक्त देश की जनता से झूठ बोल रहे हैं

·         हरियाणा में चुनाव नहीं हुआ था, वह चोरी थी

·    कईं मतदाताओं ने लोकसभा चुनावों में मतदान किया था, लेकिन उन्हें राज्य के चुनावों में मतदान करने की अनुमति नहीं दी गई

·      चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए भाजपा से साठगाँठ की कि कांग्रेस हरियाणा न जीते

 
राहुल गांधी ने बेहद महत्वपूर्ण सवाल पूछे कि,
·   डुप्लीकेट एंट्रीज जैसे मामलों के संबंध में चुनाव आयोग के पास डुप्लीकेट नाम हटाने का सॉफ़्टवेयर है। आयोग उसका इस्तेमाल क्यों नहीं करता?

·       नियम है कि जिस घर में 10 से ज़्यादा लोग हैं वहाँ जाँच की जाएगी, क्या आयोग ने जाँच की थी?

·     आयोग मतदाताओं की अंतिम सूची हमें कुछ घंटों पहले ही क्यों देता है? वह सूची पहले क्यों नहीं दी जाती?

·         वीडियो फ़ुटेज दिखाने में आयोग को क्या परेशानी है?

·   जब सब कुछ डिजिटल नहीं था तब मतदान के आँकड़े कुछ घंटों में प्राप्त हो जाते थे, अब डिजिटल हो गया है तब वह इतनी देर से क्यों दिए जाते हैं?

 
वोट चोरी को लेकर अपनी पिछली प्रेस वार्ता के आरोप को यहाँ भी दोहराते हुए उन्होंने कहा, "यह बात मैं हल्के में नहीं कह रहा हूँ। मैं लोकसभा में विपक्ष का नेता हूँ। मेरे पास पुख्ता, लिखित सबूत हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त उन लोगों को बचा रहे हैं जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है।"
 
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2024 का हरियाणा विधानसभा चुनाव 25 लाख फ़र्ज़ी मतदाताओं के आधार पर जीता। राहुल गांधी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को दर्शाने वाली स्लाइडें पेश कीं।
 
ब्राजील की मॉडल ने भारत के राज्य के चुनाव में 10 अलग अलग बूथों पर 22 बार वोट डाला! कभी सीमा, कभी स्वीटी, कभी रश्मि, तो कभी सुनिता नाम से वोट डाले!
नेता विपक्ष की वोट चोरी मामले में तीसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सबसे चौंकाने वाला दावा था ब्राजील की एक मॉडल को लेकर। राहुल गांधी ने बताया कि ब्राजील की एक महिला मॉडल का नाम कई जगह वोटिंग लिस्ट में है जिसने 22 बार वोट किया!
 
राहुल गांधी ने एक महिला की फ़ोटो को स्क्रीन पर दिखाया और वहाँ मौजूद लोगों से पूछा कि ये कहाँ की लगती हैं? किस राज्य से आती हैं? इनका नाम क्या है? इसके बाद उन्होंने स्क्रीन पर वोटर लिस्ट की फ़ोटो दिखाईं, जिसमें कई जगहों पर ये फ़ोटो इस्तेमाल की गई थी।
 
बक़ौल राहुल गाँधी, इस महिला ने 22 बार हरियाणा में वोट किया और वोटर लीस्ट में वह अनेक नामों से दर्ज़ हैं, जैसे कि सीमा, स्वीटी, सरस्वती, रश्मि, विमला, सुनिता! इसके बाद राहुल गांधी ने चौंकाने वाला दावा कर कहा कि ये जिस महिला की फ़ोटो है वह ब्राजील की रहने वाली है और वह ब्राजीलियन मॉडल हैं!
 

"एक ब्राजीलियन मॉडल भारत के चुनाव में सीमा, स्वीटी, रश्मि, सुनिता, सरस्वती, जैसे अलग अलग नाम से 10 बूथ पर 22 बार वोट डाल रही हैं" - राहुल गांधी ने अपने इस दावे के साथ उस मॉडल की तस्वीर और चुनाव आयोग के डेटा के दस्तावेज़ भी दिखाए, जिसमें सही में वह मॉडल अनेक बार अनेक अलग अलग नामों के साथ विभिन्न पतों पर नज़र आ रही थीं!
 
गूगल सर्च करने पर पता चला कि इस ब्राजीलियन मॉडल का नाम लारिसा नेरी है। इस चौंकाने वाले दावे के बाद स्वाभाविक सवाल उठे कि,
·         ब्राजील देश की एक मॉडल भारत की मतदाता सूची में क्या कर रही है?

·    मुख्य चुनाव आयोग से सवाल पूछे गए कि आख़िर इस विदेशी मॉडल का नाम हरियाणा की मतदाता सूची में क्या कर रहा है?

 
राहुल गांधी ने कहा, "इससे पता लगता है कि ये सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन है। क्योंकि 10 बूथ में इसकी फ़ोटो आती है। इसका मतलब ये बीएलओ का काम नहीं है। ये सेंटर से डेटाबेस में डाला गया है। ब्राजील की महिला 22 बार 10 बूथों में हरियाणा में वोट कर रही है। ब्राजीलियन लड़की कोई ग़लती नहीं हो सकती। ये जानबूझकर किया गया है।"
 
यूपी बीजेपी के नेताओं ने हरियाणा में वोट डाले, दोहरे मतदान का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के भाजपा नेताओं के रिकॉर्ड मौजूद हैं, जिन्होंने हरियाणा में वोट डाला।
 
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "बीजेपी नेता डालचंद यूपी में सरपंच हैं। ये यूपी के साथ हरियाणा में भी वोट डालते हैं। हमने डालचंद का खेल पकड़ लिया, क्योंकि इन्होंने एक जगह अपने पिता का नाम बदल दिया, लेकिन इनके बेटे ने नाम नहीं बदला। इन दोनों ने यूपी और हरियाणा में वोट डाला।"

 
राहुल गांधी ने आगे कहा, "इसी तरह यूपी में मथुरा के एक सरपंच और बीजेपी नेता प्रह्लाद ने भी हरियाणा में वोट डाला।"
 
बक़ौल राहुल गांधी, "ये तो सिर्फ़ एक उदाहरण है, ऐसे हज़ारों नाम हैं। इसी तरह केरल में बीजेपी नेता गोपाल कृष्णन ने कहा था कि अगर हमें ज़रूरत पड़ी तो चुनाव जीतने के लिए जम्मू-कश्मीर से लोगों को लाएँगे।"
 
1 महिला की तस्वीर 2 मतदान केंद्रों पर 223 बार नज़र आई, आरोप - ब्लर फ़ोटो इस्तेमाल कर वोट चोरी की गई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेता विपक्ष ने कहा, "2 बूथ पर 223 बार एक ही महिला का नाम है। चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए कि उस महिला ने कितनी बार वोट किया।"
 
उन्होंने कहा, "कईं पोलिंग बूथ पर एक ही महिला की कई जगह फ़ोटो लगी हुई है। कुछ की उम्र फ़ोटो से अलग है। मैं पूछना चाहता हूँ कि ये किस चीज़ की लिस्ट है? यह पोलिंग बूथ की लिस्ट है? एक महिला दो पोलिंग बूथ पर 223 बार नज़र आती है।"
 
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक जगह राहुल गांधी ने कहा, "यह कोई ग़लती नहीं है, यह जानबुझकर किया गया है। एक घर में 66 लोग रहते हैं इसके उदाहरण हैं क्योंकि घर का एक सदस्य बीजेपी से जुड़ा हुआ है। एक घर में 100 से अधिक लोग रह रहे हैं, हमने जाकर देखा, तो उसमें कोई नहीं मिला।"
 

उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि यह महिला सूची में इतनी बार क्यों है? यही वजह है कि आयोग सीसीटीवी फ़ुटेज रिमूव कर रहा है। हरियाणा में ऐसे हज़ारों मामले हैं। सीसीटीवी फ़ुटेज के बिना किसी को पता नहीं चलेगा।"
 
नेता विपक्ष ने दावा किया कि, "ब्लर फ़ोटो इस्तेमाल करके वोटों की चोरी की गई थी और उन्हें कोई पहचान नहीं पाता कि वह कौन है?"
 
राहुल गांधी ने महत्वपूर्ण सवाल पूछा, "चुनाव आयोग के पास डुप्लीकेट मतदाताओं को दूर करने के लिए सोफ़्टवेयर है। लेकिन वे इसका इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे? इस काम के लिए एआई की भी ज़रूरत नहीं है। वे यह काम सेकेंड में कर सकते हैं।"
 
पोस्टल बैलेट और वास्तविक वोटों में अंतर
बक़ौल राहुल गांधी, हरियाणा के इतिहास में पहली बार पोस्ट बैलेट का वास्तविक वोटों से मिलान नहीं हुआ।
 
उन्होंने कहा, "हमें पोस्टल बैलेट के आँकड़ों ने चौंकाया। हरियाणा के इतिहास में यह पहली बार हुआ था। पोस्टल वोट एक्चुअल वोटिंग से अलग थे। हमें इस पर भरोसा नहीं हुआ। हमने अपनी टीम से कहा कि वो इस दावे को बार-बार क्रॉसचेक करें। तब ये डेटा हमारे सामने आया।"
 

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि पोस्टल बैलट और स्टेट का जो नतीजा था, वो अलग था, कांग्रेस पोस्टल बैलट को स्वीप करती है लेकिन नतीजा दूसरा आता है।
 
राहुल गांधी ने कहा, "हम गहराई में गए और मैं आपको बताना चाहता हूँ कि सवाल का ये जवाब मिला कि एक 'ऑपरेशन सरकार चोरी' लागू किया गया था। एक प्लान जिससे कांग्रेस की जो बड़ी जीत होनी थी, वो हार में बदल दी जाए।"
 
हरियाणा में 25 लाख फ़र्ज़ी मतदाता, आरोप - हरियाणा में चुनाव नहीं हुआ था, वह चोरी थी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि हरियाणा में,
·         5.21 लाख नक़ली मतदाताओं,

·         93,174 अवैध मतदाताओं, और

·         19.26 लाख थोक मतदाताओं के ज़रिए 25 लाख वोट चुराए गए।

 
नेता विपक्ष ने कहा, "हरियाणा के लोगों के लिए समझने वाली बुनियादी बात यह है कि हरियाणा में कोई चुनाव नहीं हुआ था। यह एक झूठ था, और हमने इसे साबित कर दिया है।"
 
राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा में 2 करोड़ वोटर हैं और इनमें से 25 लाख वोटों की चोरी हुई है। बक़ौल राहुल गांधी, इसके लिए फ़र्ज़ी फ़ोटो का इस्तेमाल किया गया।
 
उन्होंने सीधा सवाल उठाया कि क्यों एक महिला की तस्वीर 100-200 जगह पर है? राहुल गांधी ने कहा कि उनकी जाँच में ये मिला है कि हालिया हरियाणा विधानसभा चुनाव में हर 8 में से 1 वोटर फ़र्ज़ी है।

 
उन्होंने कहा, "हरियाणा में 2 करोड़ वोटर हैं। 25 लाख की वोट चोरी हुई। यानी हर 8 में से 1 वोटर चोरी का। 12.5 परसेंट वोट चोरी थी हरियाणा में। तब भी कांग्रेस पार्टी सिर्फ़ 22 हज़ार वोटों से हारती है। कहाँ 25 लाख, कहाँ 22 हज़ार।"
 
नेता विपक्ष ने चुनाव आयोग पर विधानसभा चुनाव की मतदाता सूचियों से लाखों कांग्रेस मतदाताओं को हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "इनमें से कई मतदाताओं ने 2024 के लोकसभा चुनावों में मतदान किया था, लेकिन उन्हें राज्य के चुनावों में मतदान करने की अनुमति नहीं दी गई।"
 
राहुल गांधी ने कहा, "हरियाणा में चुनाव नहीं हुआ। यह चोरी थी। हरियाणा के मुख्यमंत्री चोरी के सीएम हैं। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए भाजपा के साथ साठगाँठ की कि कांग्रेस हरियाणा न जीते। सबूत के हर टुकड़े आयोग के रिकॉर्ड से हैं। हमने बस जाँच की है और आपको दिखाया है कि भारतीय चुनाव की वास्तविकता क्या है।"
 
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का वीडियो दिखाया गया, जिसमें वह बेफ़िक्र होकर कह रहे थे - हमारे पास सारी व्यवस्थाएँ हैं और बीजेपी एकतरफ़ा सरकार बना रही है
अपने प्रेजेंटेशन में राहुल गांधी ने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का एक वीडियो दिखाया। यह चुनाव से दो दिन पहले 6 अक्टूबर 2024 का एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो था।
 
इसमें नायब सिंह सैनी कह रहे हैं, "भारतीय जनता पार्टी एकतरफ़ा सरकार बना रही है। हमारे पास सारी व्यवस्थाएँ हैं। आप चिंता मत करिए।"
 
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस बयान में 'व्यवस्था' शब्द और सैनी के चेहरे की 'मुस्कान' पर सवाल उठाए और कहा, "इनकी हँसी देखिए। 'व्यवस्था' शब्द पर गौर करिए। ये कौन सी 'व्यवस्था' है जिसके बारे में हरियाणा के सीएम बात कर रहे हैं। चुनाव से दो दिन पहले। सारे पोल कह रहे थे कि कांग्रेस जीत रही है। लेकिन ये कह रहे हैं कि इनके पास 'व्यवस्था' है।"
 
ज़ीरो पता वाला मामला, नेता विपक्ष ने कहा - चुनाव आयुक्त देश से झूठ बोल रहे हैं
ज़ीरो पता, यानी मकान नंबर शून्य, तथा एक ही पते पर कईं मतदाताओं के मामले, को राहुल गांधी ने तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उठाया और दावा किया कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश से झूठ बोल रहे हैं।
 
उन्होंने कहा, "हरियाणा में एक घर में 501 वोटर दर्ज़ हैं। घर भी सिर्फ़ काग़ज़ों पर है। दो मंज़िला पुराने मकान, कोई फुटपाथ या खंभा नहीं, फिर भी मकान संख्या 0।"
 
दरअसल, राहुल गांधी ने ज़ीरो पता और एक ही पते पर कईं मतदाताओं का मामला अपनी पहली और दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया था। तब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि किसी मतदाता के आवास का क्रमांक ज़ीरो होना, इसका अर्थ फ़र्ज़ी वोटर नहीं है।
 
मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन दिनों देश को बताया था कि देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जिनके घरों के पते के आगे 'ज़ीरो नंबर' है क्योंकि जिस घर में वे रहते हैं, वहाँ पंचायत या नगर पालिका द्वारा उन्हें कोई हाउस नंबर आवंटित नहीं किया गया है।
 

तब ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा था कि कई लोगों के पास घर नहीं होता, लेकिन उनका नाम भी मतदाता सूची में होता है, उनका पता वो जगह दी जाती है जहाँ पर वो व्यक्ति रात को सोने आता है।
 
किंतु नेता विपक्ष ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश को ज़ीरो पता वाले मामले पर जो कहा वह झूठ है। उन्होंने इस दिन सबूत दिखाते हुए कहा, "देश के चुनाव आयुक्त झूठ बोल रहे हैं। ज़ीरो पता वहाँ भी है, जहाँ मकान नंबर पंचायत या नगर पालिका द्वारा दिए गए हैं।"
 
राहुल गांधी ने एक वोटर नरेंद्र का उदाहरण दिया। उनके नाम के आगे हाउस नंबर ज़ीरो लिखा था लेकिन बक़ौल राहुल गांधी, फीज़िकल वेरिफिकेशन में पता लगा कि नरेंद्र के पास घर है। प्रेजेंटेशन में राहुल गांधी ने उनके घर की फ़ोटो भी दिखाई।
 
पूरे भारत में लाखों मतदाताओं को सेंट्रलाइज्ड तरीक़े से हटाया जा रहा है, चुनाव आयोग और मोदी सरकार मिलकर देश के लोकतंत्र और चुनावी सिस्टम को हाईजैक कर चुके हैं
इससे पहले राहुल गांधी ने बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा इलाक़े की महादेवपुरा विधानसभा सीट और कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट पर वोट चोरी को लेकर विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। 5 नवंबर के दिन 'द एच फ़ाइल्स' नाम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी का दावा किया।
 
इस दिन राहुल गांधी ने अनेक मामलों का विस्तृत डिजिटल प्रेजेंटेशन देते हुए एक बार फिर चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यह पक्के सबूत हैं।" उन्होंने कहा, "हज़ारो नाम हैं जो एक से अधिक राज्यों में वोटर हैं।"
 
राहुल गांधी ने कहा, "महादेवपुरा और आलंद के वोटर्स लिस्ट की एनालिसिस के बाद हमें लगा कि ये वोट चोरी का मामला 'सेंट्रलाइज्ड' है। इसलिए हमने इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। हरियाणा पर हमने फोकस किया क्योंकि एग्जिट पोल्स दिखा रहे थे कि यहाँ कांग्रेस पार्टी स्वीप कर रही है। हमारे डेटा कह रहे थे। बीजेपी के लोग भी बता रहे थे कि आप हरियाणा में सरकार बना रहे हैं।"
 
उन्होंने कहा, "हम गहराई में गए और मैं आपको बताना चाहता हूँ कि सवाल का ये जवाब मिला कि एक 'ऑपरेशन सरकार चोरी' लागू किया गया था। एक प्लान जिससे कांग्रेस की जो बड़ी जीत होनी थी, वो हार में बदल दी जाए।"
 
ब्राजीलियन मॉडल का चौंकाने वाला दावा, आँकड़े और डेटा पेश कर राहुल गांधी ने कहा, "इससे पता लगता है कि ये सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन है। क्योंकि 10 बूथ में इसकी फ़ोटो आती है। इसका मतलब ये बीएलओ का काम नहीं है। ये सेंटर से डेटाबेस में डाला गया है। ब्राजील की महिला 22 बार 10 बूथों में हरियाणा में वोट कर रही है। ब्राजीलियन लड़की कोई ग़लती नहीं हो सकती। ये जानबूझकर किया गया है।"
 

राहुल गांधी ने महत्वपूर्ण सवाल पूछा, "चुनाव आयोग के पास डुप्लीकेट मतदाताओं को दूर करने के लिए सोफ़्टवेयर है। लेकिन वे इसका इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे? इस काम के लिए एआई की भी ज़रूरत नहीं है। वे यह काम सेकेंड में कर सकते हैं।"
 
उन्होंने आरोप लगाया, "लेकिन आयोग यह नहीं कर रहा, क्योंकि वह बीजेपी को मदद करना चाहता है। चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहता। यह इसके पक्के सबूत हैं।"
 
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा, "एक के बाद एक चुनाव में, पूरे भारत में लाखों मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से हटाया जा रहा है। हमारे पास 100 प्रतिशत सबूत हैं।"
 
उन्होंने कहा, "ये फर्ज़ीवाड़ा जिस लेवल पर हो रहा है, बीजेपी और चुनाव आयोग की साझेदारी से हो रहा है। जो महाराष्ट्र और हरियाणा में हुआ, वही बिहार में भी होगा।"
 
राहुल गांधी ने बिहार के पाँच मतदाताओं को मंच पर बुलाया, जिन्होंने दावा किया कि उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि यह तमाम राज्यों में हो रहा है, हज़ारों लाखों ऐसे मतदाता हैं, जिनके साथ यह हो रहा है।
 
उन्होंने कहा, "हम आपको दिखाएँगे कि यही बात बिहार में भी होगी। हम मदद नहीं कर सकते क्योंकि मतदाता सूची आख़िरी मिनट में आती है। यह संविधान और लोकतंत्र को ख़त्म करने का एक व्यवस्थित माध्यम है।"
 
द एच फ़ाइल्स के बाद चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष द्वारा लगाए गए नए आरोपों का खंडन किया और कहा कि आरोप निराधार हैं। चुनाव आयोग अनेक आरोपों और सवालों के सामने केवल राजनीतिक टाइप दलील और जवाब देता दिखाई दिया।
 
देश के मुख्य चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची के ख़िलाफ़ कोई अपील दायर नहीं की गई। ब्राजील मॉडल वाले मामले पर आयोग ने बेतुका जवाब देते हुए उलटा विपक्ष से ही पूछ लिया कि कांग्रेस की तरफ़ से संशोधन के दौरान आपत्ति क्यों उठायी नहीं गई थी।

 
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद के द्वारा विस्तृत आँकड़े, दस्तावेज़, तथ्य, आदि के साथ लगाए गए आरोपों की जाँच पर बात करने की जगह चुनाव आयोग ने सवाल पूछ लिया कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि वे एसआईआर के समर्थन में हैं या विरोध में?
 
चुनाव आयोग ने ब्राजील मॉडल वाले मामले पर जवाब देने की जगह सवाल किया कि ऐसा था तो कांग्रेस के बूथ एजेंट क्या कर रहे थे? उन्होंने तब आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई? यानी, चोरी होने पर पुलिस ने पूछ लिया कि आपने ताला ठीक से लगाया था या नहीं वह क्यों नहीं देखा?
 
नेता विपक्ष ने कहा - हम वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहेंगे, मोदी चुनाव चोरी कर पीएम बने हैं
7 नवंबर 2025 को राहुल गांधी ने कहा कि हम वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहेंगे, हमारे पास कईं सबूत हैं और हम इस प्रक्रिया को जारी रखेंगे।
 
उन्होंने कहा, "हम देश के जेन ज़ी और युवाओं को साफ़ तौर पर दिखाएँगे कि नरेंद्र मोदी चुनाव चोरी करके प्रधानमंत्री बने और बीजेपी चुनाव चोरी करती है।" उन्होंने कहा, "मैंने बताया कि हरियाणा का चुनाव वास्तव में चुनाव था ही नहीं। वहाँ थोक में चोरी हुई है।"
 
पत्रकारों से बात करते हुए नेता विपक्ष ने कहा, "सच तो ये है कि नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी और चुनाव आयोग, ये तीनों मिलकर संविधान पर हमला कर रहे हैं। संविधान कहता है वन मैन, वन वोट। हरियाणा में यह सिद्धांत नहीं था। वहाँ वन मैन, मल्टिपल वोट्स हुआ।"
 
उन्होंने फिर कहा, "वे लोग बिहार में भी यही करने जा रहे हैं। यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और गुजरात में हो चुका है।"

 
7 अगस्त 2025 के दिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद ने वो ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जहाँ पहली बार 'वोट चोरी' और 'चुनाव चुराने' के संगीन आरोप लगे। "बीजेपी और मोदी सरकार ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी की है, चुनाव चुराए हैं" - भारत के नेता प्रतिप्रक्ष ने बाक़ायदा तमाम डेटा, दस्तावेज़, आँकड़े और तथ्यों के साथ इस दिन एक प्रेस वार्ता आयोजित कर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया था और यह दावा किया था।
 
प्रेस वार्ता में कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा सीट का डेटा सामने रखा गया था। आरोप लगाया गया था कि यहाँ 1 लाख से अधिक वोटों की वोट चोरी हुई। नक़ली मतदाता, अवास्तविक और विचित्र नाम, एक पते पर सैकड़ों मतदाता, समेत कई खुलासे हुए।
 
18 सितंबर 2025 के दिन वोट चोरी मामले में दूसरी बड़ी प्रेस वार्ता हुई और कहा गया कि वोट चोरी संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित और केंद्रीकृत अपराध है। "हमारे पास हम जो कह रहे हैं उसके पुख़्ता सबूत हैं, मैं लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर यह कह रहा हूँ", "सोफ़्टवेयर और ओटीपी के ज़रिए एक केंद्रीकृत सिस्टम से यह हो रहा है", "मुख्य चुनाव आयुक्त लोकतंत्र का नाश करने वालों को बचा रहे हैं", नेता विपक्ष सीधा आरोप लगाया था।
 
प्रेस वार्ता में कर्नाटक के आलंद निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ी जानकारी और आँकड़ें 'द आलंद फ़ाइल्स' नाम से देश के सामने रखी गई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'वोट चोरों का रक्षक' बताया गया। अवैध रूप से नाम हटाना और जोड़ना, सोफ़्टवेयर के ज़रिए मतदाता सूची में हेरफेर करना, समेत कई खुलासे किए गए थे।
 
और फिर 5 नवंबर 2025 के दिन 'वोट चोरी' मामले में तीसरी विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और दावा किया गया कि मोदी सरकार और देश के मुख्य चुनाव आयोग ने मिल कर भारत के लोकतंत्र और चुनाव को हाईजैक कर लिया है।
 
चुनाव आयोग से इलेक्ट्रॉनिक डेटा माँगा गया, लेकिन अब तक आयोग ने वह मुहैया नहीं कराया है। यह भी देखा गया कि वोट चोरी मामले को लेकर हुई तीनो प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आयोग ने वेबसाइट पर कुछ न कुछ फेरबदल किए, या कुछ चीज़ें हटा दीं!
 
आयोग द्वारा विपक्ष की ओर से माँगी गई जानकारी नहीं देना, तमाम सीटों की जानकारी नहीं देना, एकाध सीट की देर से जानकारी देना, इलेक्ट्रॉनिक डेटा नहीं देकर मशीन से पढ़े न जा सकने वाले दस्तावेज़ देना, आरोपों के सामने बेहद कमज़ोर तर्कों के साथ बचाव की मुद्रा में आना, जाँच करने की जगह दूसरी बेतुकी बातें करना।
 
साफ़ दिखाई दे रहा है कि भारत का चुनाव आयोग बेहतर ढंग से इस स्थिति से निपट सकता था, जो नहीं हो पाया है। आयोग किसी पर हमला करने की जगह विपक्ष की शिकायतों को सुन उसे हल कर सकता था। तमाम घटनाक्रमों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त बेतुके और अस्पष्ट जवाब देते दिखाई दिए।
 
इस अतिगंभीर स्थिति और ऐतिहासिक विवाद का 'निष्पक्ष निपटारा' केवल चुनाव आयोग ही कर सकता है। किंतु आयोग का अड़ियल रवैया, हास्यास्पद तर्क, जाँच से दूर भागने की चेष्टा, विपक्ष या निष्पक्ष समुदायों की संवेदनशील शिकायतों पर ढीढता से पैश आना, यह चीज़ें निपटारे से दूर जाती दिख रही हैं।
(इनसाइड इंडिया, एम वाला)